पीरियड के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए ताकि प्रेग्नेंट न हों?

पीरियड के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए, ताकि गर्भधारण न हों?

 
पीरियड के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए, ताकि गर्भधारण न हों?

यदि आप गर्भधारण से बचना चाहते हैं और पर्थनिवारण के लिए कौनसे दिन सबसे सुरक्षित हैं, तो आपको माहवारी चक्र की समझ होनी चाहिए। हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।

महिलाओं का मासिक धर्म चक्र (Menstrual Cycle)

महिलाओं का मासिक धर्म चक्र मुख्य रूप से तीन अवस्थाओं में विभाजित होता है:

  1. मासिक धर्म: इस अवधि का आरंभ होता है जब आवर्ती रक्तस्राव शुरू होता है और 4-7 दिनों तक चलता है।
  2. तत्कालिन अवधि: इसका काल अगले 10 से 12 दिनों तक होता है, और यह माहवारी के बाद तुरंत शुरू होता है।
  3. गर्भाशयी अवधि: इस अवस्था में अंडाशय एक या अधिक अंडाणुओं को मुक्त करता है।

सुरक्षित दिन (Safe Days) क्या हैं?

"सुरक्षित दिन" वे दिन होते हैं जब यौन संपर्क से गर्भ धारण की संभावना कम होती है। यह आमतौर पर महिने के पहले 7 दिन और अंतिम 7 दिन होते हैं।

पीरियड के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए ताकि प्रेग्नेंट न हों?

 

पीरियड के कितने दिन बाद संबंध बनाएं?

मासिक धर्म चक्र और व्यक्तिगत स्वास्थ्य परिस्थितियों पर आधारित होता है कि किस दिन संबंध बनाना सुरक्षित होगा। तथापि, एक आम नियम के रूप में, एक महिला के पीरियड के समाप्त होने के 7 दिनों बाद और अगले पीरियड के प्रारंभ होने के 7 दिन पहले सबसे सुरक्षित माना जाता है। यदि महिला का पीरियड चक्र 28 दिनों का है, तो 8वें से 19वें दिनों में गर्भधारण की संभावना अधिक होती है।

पर्थनिवारण के लिए अन्य तरीके

हमेशा याद रखें कि कोई भी तरीका 100% सुरक्षित नहीं हो सकता है। इसलिए, यदि आप गर्भधारण से बचना चाहते हैं, तो आपको स्वास्थ्य सलाहकार से परामर्श करना चाहिए और भरोसेमंद एवं प्रभावी गर्भनिरोधक तरीकों का चयन करना चाहिए। ये हो सकते हैं:

  • संवेदनशील गर्भनिरोधक गोलियाँ
  • गर्भनिरोधक इंजेक्शन
  • आंतरिक गर्भनिरोधक उपकरण (IUDs)
  • निरोध
  • योनि गर्भनिरोधक कप

निष्कर्ष

यदि आप गर्भधारण से बचना चाहते हैं, तो समझना महत्वपूर्ण है कि मासिक धर्म का चक्र कैसे काम करता है और सुरक्षित दिन कौन से होते हैं। अपने स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना महत्वपूर्ण हो सकता है क्योंकि वे आपकी व्यक्तिगत स्थितियों और जरूरतों के आधार पर सही योजना सुझावित कर सकते हैं।

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